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आंधी का कहर: पिसावां में दीवार गिरने से मां की मौत, मलबे में दबा पूरा परिवार; विधायक ने सौंपी ₹4 लाख सहायता

सीतापुर के बराह मऊ खुर्द गांव में दर्दनाक हादसा, तीन मासूम घायल — गांव में पसरा मातम

जिला संवाददाता विकास मिश्रा

सीतापुर/पिसावां। जनपद सीतापुर के पिसावां क्षेत्र स्थित बराह मऊ खुर्द गांव में सोमवार रात आए भीषण आंधी-तूफान ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज हवाओं के चलते एक नवनिर्मित पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पति और तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।

बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 10 बजे सकील का परिवार घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। सकील की पत्नी किस्मत जहाँ (30 वर्ष) अपने बच्चों—अमन बेग (6 वर्ष), अहद बेग (4 वर्ष) और समद बेग (2 वर्ष) के साथ सो रही थीं, जबकि सकील पास ही दूसरी चारपाई पर लेटे थे। तभी तेज आंधी के झोंकों से पास की नवनिर्मित दीवार अचानक भरभराकर परिवार के ऊपर गिर गई।
दीवार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान किस्मत जहाँ ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

पीड़ित परिवार से मिले विधायक, बंधाया ढांढस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक शशांक त्रिवेदी बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बराह मऊ खुर्द गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

विधायक ने कहा—

 “संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।”

इस दौरान महोली तहसील के तहसीलदार अंकुर यादव, लेखपाल अम्बरेश कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

₹4 लाख की सहायता राशि और राशन किट प्रदान

शासन के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित सकील को ₹4 लाख रुपये का डेमो चेक एवं राशन किट सौंपी। अधिकारियों ने बताया कि आपदा राहत कोष से स्वीकृत यह सहायता राशि जल्द ही पीड़ित के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को राहत मिल सके।

ग्रामीणों ने की पक्के मकानों की जांच की मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों ने गांव में निर्माणाधीन और जर्जर दीवारों की जांच कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि आंधी और बारिश के मौसम में कमजोर निर्माण बड़े हादसों को न्योता दे सकते हैं।

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