श्रद्धालुओं ने लगाया दुर्गंध और आस्था से खिलवाड़ का आरोप, निष्पक्ष जांच व पर्यावरणीय कार्रवाई की उठाई मांग
जिला संवाददाता: विकास मिश्रा
अटरिया/सीतापुर। सिधौली तहसील क्षेत्र के अटरिया थाना अंतर्गत बेड़सापुर गांव में आदि गंगा गोमती के पावन तट पर स्थित प्राचीन श्री बालेश्वर महादेव धाम के आसपास संचालित अंडा, मांस एवं मुर्गीपालन से जुड़े कारोबार को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि धार्मिक स्थल के निकट संचालित इस गतिविधि से मंदिर परिसर का वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा समय-समय पर उठने वाली दुर्गंध के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां धार्मिक स्थलों के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं शिवधाम के आसपास इस प्रकार की गतिविधियां आस्था और पवित्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही हैं। उनका कहना है कि दर्शन-पूजन के लिए आने वाले भक्तों को दुर्गंधयुक्त वातावरण से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
आस्था बनाम कारोबार का मुद्दा
गोमती तट स्थित श्री बालेश्वर महादेव धाम क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र है। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों में यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप ही संचालित होनी चाहिए।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि संबंधित विभाग यह जांच करें कि संचालित इकाई में अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। उनका कहना है कि यदि नियमों की अनदेखी हो रही है तो इसका प्रभाव आसपास के पर्यावरण, गोमती तट और जनस्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
• धार्मिक स्थल के आसपास पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
• दुर्गंध और प्रदूषण संबंधी शिकायतों का सत्यापन कराया जाए।
• श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
• धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए जाएं।
• संबंधित इकाई में पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
जनता का सवाल
"जब सरकार धार्मिक पर्यटन और आस्था के संरक्षण की बात करती है, तो पवित्र शिवधाम के आसपास उठ रहे विवादों पर जिम्मेदार विभाग कब तक मौन रहेंगे?"
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित इकाई और प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
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