छात्र-छात्राओं को शौचालय जाने से रोकने पर भड़के अभिभावक, स्कूल परिसर में घंटों हंगामा
संवाददाता: विकास मिश्रा
अटरिया/सिधौली, सीतापुर।
जनपद सीतापुर के सिधौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रायपुर देव सिंह स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शौचालय व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बच्चों को शौचालय जाने से रोकने के आरोप के बाद अभिभावकों और शिक्षकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शौचालय बना शोपीस, बच्चों को झाड़ियों में जाने की मजबूरी
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में बना शौचालय पूरी तरह बदहाल स्थिति में है। शौचालय के ऊपर पानी की टंकी गायब है, पाइपलाइन बंद पड़ी है और नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
स्थिति इतनी खराब है कि छात्र-छात्राओं को खुले मैदान और झाड़ियों में शौच के लिए जाना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। जहरीले जीव-जंतुओं और किसी अप्रिय घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।
बच्चों की शिकायत पर भड़के अभिभावक
बताया जा रहा है कि कई बच्चों ने घर जाकर शिकायत की थी कि उन्हें कक्षा के दौरान शौचालय जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसी बात को लेकर एक अभिभावक विद्यालय पहुंचा और शिक्षक से जवाब मांगा। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला तू-तू मैं-मैं तक पहुंच गया।
घटना के दौरान स्कूल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिससे अन्य छात्र-छात्राओं में भी दहशत का माहौल बन गया।
महिला शिक्षिका और अभिभावक की कहासुनी का वीडियो वायरल
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक महिला शिक्षिका सफाईकर्मी न होने और गंदगी की समस्या को लेकर नाराजगी जाहिर करती नजर आ रही हैं। वहीं अभिभावकों के साथ उनकी कहासुनी भी दिखाई दे रही है।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एडीओ पंचायत ने माना—सफाईकर्मी नहीं होने से बिगड़ी व्यवस्था
जब इस मामले में विकासखंड सिधौली के एडीओ पंचायत दिनेश यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय और ग्राम पंचायत में सफाईकर्मी की कमी के चलते नियमित साफ-सफाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा—
“मामला संज्ञान में आया है। फिलहाल संबंधित जिम्मेदारों को विद्यालय के शौचालय की साफ-सफाई दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।”
ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
ग्रामीणों और अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि यदि खुले में जाने के दौरान किसी छात्रा या छात्र के साथ कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि केवल जांच और आश्वासन तक सीमित न रहकर विद्यालय में पानी की टंकी, पाइपलाइन और शौचालय व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जाए।
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह मामला केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर भी पेश करता है। सरकार द्वारा विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बच्चों की बुनियादी जरूरतों तक पूरी नहीं कर पा रही है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करता है और बच्चों को मूलभूत सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।
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