खेत बचाओ अभियान के नौवें दिन गांव-गांव पहुंचे कृषि वैज्ञानिक, किसानों को दी आधुनिक खेती की सीख
जिला संवाददाता विकास मिश्रा
बिसवां/सीतापुर। खेतों की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे "खेत बचाओ अभियान एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान-2026" के तहत नौवें दिन कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक किया।
अभियान के अंतर्गत किसानों को मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, पोषण सुरक्षा, कृषि विविधीकरण, जल संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का आह्वान किया।
हरगांव ब्लॉक के तुरतीपुर और शेखापुर मुसेपुर गांवों में आयोजित कृषक गोष्ठी में गृह विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने महिलाओं को पोषण वाटिका, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के उपाय बताए। वहीं एडीओ (पौध संरक्षण) मुस्ताक अहमद ने कीट एवं रोग प्रबंधन की वैज्ञानिक जानकारी देते हुए रसायनों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान मोहम्मद अनीश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
गोंदलामऊ ब्लॉक के मरेली और समसापुर गांवों में मृदा वैज्ञानिक डॉ. सचिन प्रताप तोमर ने किसानों को मिट्टी परीक्षण, जैविक कार्बन वृद्धि एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत बेहतर रहेगी तो उत्पादन भी बढ़ेगा और खेती लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहेगी। किसानों को हरी खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया।
विकास खंड बिसवां के जमौरा और भुढ़कुड़ी गांवों में कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और सरकारी योजनाओं के लाभों की जानकारी दी। एसएमएस दीपेश कुमार सिंह ने खरीफ फसलों की तैयारी तथा उन्नत बीजों के चयन पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रमों के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया तथा जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को अपनाने का संदेश दिया।
कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया के प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
• खेत बचाओ अभियान का नौवां दिन सफलतापूर्वक संपन्न।
• कृषि वैज्ञानिकों ने गांवों में पहुंचकर किसानों को किया जागरूक।
• मिट्टी परीक्षण, जैविक कार्बन वृद्धि और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर।
• महिलाओं को पोषण वाटिका एवं खाद्य प्रसंस्करण से अतिरिक्त आय के सुझाव।
• खरीफ फसलों की तैयारी और उन्नत बीज चयन पर विशेष चर्चा।
• टिकाऊ खेती, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।
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