(मुकेश कुमार जैन ) संवाददाता. आज का यह पावन क्षण हम सभी के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है, आज तप कल्याणक के पावन दिन मुनि श्री प्रणम्य सागर जी की आरती संत विद्यासागर संत नीलय मे की. हमें अपने जीवन के पथप्रदर्शक,
संयम और तपस्या की साक्षात मूर्ति, मुनि श्री का जीवन हमें त्याग, तप और आत्मकल्याण की प्रेरणा देता है।
उनके वचनों में सत्य की गूंज है,
और उनके आचरण में धर्म की ज्योति प्रज्वलित होती है।
आइए, हम सभी मिलकर श्रद्धा, भक्ति और विनय के साथ
गुरुवर की आरती करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।
"गुरुवर के चरणों में हमारा कोटि-कोटि नमन…
उनकी कृपा से हमारे जीवन में सम्यक ज्ञान और सम्यक दर्शन का उदय हो…
हमारे सभी पाप क्षीण हों और आत्मा निर्मल बने…"
"हे गुरुवर!
आपके आशीर्वाद से हमारा जीवन धर्ममय बने,
हम सदैव सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलें,
और अंत में मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हों।
इसी मंगल भावना के साथ
हम अपनी आरती को पूर्ण करते हैं।
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