मुनि श्री का भव्य नगर प्रवेश
मुकेश जैन।। आज हमारा नगर सौभाग्यशाली बन गया है, क्योंकि तप, त्याग और संयम की प्रतिमूर्ति, पूज्य मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज का भव्य नगर प्रवेश बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
🚩 सुबह से ही पूरे नगर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
श्रावक-श्राविकाएं पारंपरिक वेशभूषा में, हाथों में ध्वज और मंगल कलश लिए, जयकारों के साथ मुनि श्री की अगवानी करते नजर आए।
🎺 बैंड-बाजों और मंगल ध्वनियों के बीच, जैसे ही मुनि श्री ने नगर में प्रवेश किया, पूरा वातावरण “जय जिनेन्द्र” और “वर्धमान वीर की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
🌺 जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति अर्पित की और मुनि श्री के चरणों में विनम्र वंदन किया।
🛕 नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह भव्य शोभायात्रा धर्म स्थल तक पहुंची, जहां मुनि श्री ने मंगल प्रवचन देते हुए सभी को धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश दिया।
✨ मुनि श्री ने कहा —
“जीवन को सफल बनाना है तो राग-द्वेष को त्यागकर आत्मा की ओर बढ़ो।” देखो देखो कौन आये,सिंगोली के राम आए. के जयकार से सिंगोली गूंज उठा.
🙏 इस पावन अवसर पर समस्त जैन समाज एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और धर्म लाभ प्राप्त किया
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