उत्तरप्रदेश की पावन नगरी बड़ौत की ओर बढ़ते आचार्य श्री आर्जवसागर जी महामुनिराज ससंघ के मंगल चरण, वर्षायोग 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
बड़ौत (उत्तरप्रदेश) | विशेष संवाददाता
(मुकेश कुमार जैन )
उत्तरप्रदेश की पावन नगरी बड़ौत एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। परम पूज्य आचार्य गुरुदेव श्री 108 आर्जवसागर जी महामुनिराज ससंघ के मंगल चरण वर्षायोग 2026 हेतु बड़ौत की ओर अग्रसर हैं। इस पावन समाचार से सकल दिगंबर जैन समाज एवं समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं में हर्ष, उत्साह और भक्ति का वातावरण व्याप्त है।
आचार्य श्री आर्जवसागर जी महामुनिराज त्याग, तप, संयम एवं वीतराग साधना की दिव्य परंपरा के तेजस्वी प्रतिनिधि हैं। उनका प्रत्येक विहार केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि धर्म, अहिंसा, आत्मजागरण और सदाचार का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का महान अभियान है। दिगंबर जैन मुनिराज नंगे पाँव विहार करते हुए परिग्रह से पूर्णतः विरक्त जीवन जीते हैं तथा प्रत्येक जीव के प्रति करुणा, मैत्री और समभाव का अनुपम संदेश देते हैं।
बड़ौत में होने वाला वर्षायोग 2026 श्रद्धालुओं के लिए धर्मश्रवण, स्वाध्याय, तप, साधना, गुरु सान्निध्य एवं आत्मकल्याण का दुर्लभ अवसर लेकर आ रहा है। समाज के सभी वर्गों में इस ऐतिहासिक वर्षायोग को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है तथा गुरु चरणों के स्वागत की तैयारियाँ भी श्रद्धाभाव के साथ प्रारंभ हो चुकी हैं।
सकल दिगंबर जैन समाज ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर के सहभागी बनें, गुरु सान्निध्य का लाभ प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धर्म, संयम और आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर करें।
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